Saturday, 16 October 2021

रावण का रोल

 एक आदमी रावण का रोल कर रहा था

दस सिरों को उठाकर बोझ मर रहा था

आयोजकों ने उसकी ये परेशानी समझी
पाँच मिनट की लघु शंका की छुट्टी करदी

रावण जी लघु शंका के लिये दीवार के नाल खड गये
कुछ देर बाद पता चला की उसके पीछे कुत्ते पड गये

आनन फ़ानन में उसके नक़ली सिर नीचे लुढ़कने लगे
और कुछ कुत्ते रावण की धोती से खींचतान करने लगे

प्रबंधक अब रावण को इधर उधर ढूँढने लगे
देरी होते देख पब्लिक में से कुछ लोग उँधने लगे

इतनी देर में रावण का वह स्टेज पात्र आ गया
पर्बंधक उसकी माली हालत देख घबरा गया

वो बोला रै रावण तूँ कहाँ मर गया था
नालायक़ तूँ तो लघुशंका करने गया था

बोला श्रीमान, बस अब और कुछ मत पूछो
मेरे बाकि सिर तो वो कुत्ते ले गये उन्हें ढूँढो

मैं तो बड़ी मुश्किल से लौट कर आ पाया हूँ
और ये मेरा असली सिर बचा कर लाया हूँ

मेनेजर बोला चलो नये सिर और पड़े हैं उन्हें पहन लो
कुत्ते तो कुत्ते हैं छोड़ो उन्हें अब ये नये कपडे पहन लो

बच गया मैं नहीं तो बेवजह ही मारा जाता
मैं रावण हूँ ये भी कुत्तों को पता चल जाता

तो वो मेरा असली सिर भी उठा ले जाते
मेरे घरवाले मेरा इंतज़ार करते रह जाते

अरे चलो भी अब तुम्हारा रोल आ गया
दर्शकों में थोड़ी देर को सन्नाटा छा गया

वो बेला भई ये संभालो तुम्हारा तामझाम
मैं तो करूँगा अब अपने ही घर का काम

तुम तो जरा सी बात पर बस यों ही घबरा गये
क्या हो गया, कुत्ते कौनसा असली सिर खा गये

तुम तो जनता के सामने बच्चों की तरह शर्मा गये
अरे ! इधर देखो, तुम्हारे लिए नये नो सिर आ गये

मेनेजर के कहने पर वो मान गया
रावण बनने का मतलब जान गया

अगले दिन से वो डरता हुआ सा आया
अब उसे रावण का मतलब समझ आया

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